देहरादून को "भारत की स्कूल राजधानी" क्यों कहा जाता है?
देहरादून को 'भारत की विद्यालय राजधानी' कहा जाता है, क्योंकि यहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनुकूल जलवायु, विविध पाठ्यक्रम विकल्पों वाले प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों की उपलब्धता, मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क, व्यापक सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रम और रमणीय स्थल हैं। ये सभी कारक इस शहर को उन अभिभावकों के लिए एक शीर्ष विकल्प बनाते हैं जो अपने बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहते हैं।
देहरादून में बोर्डिंग स्कूलों के प्रकार
- पारंपरिक बोर्डिंग स्कूल: ये प्रतिष्ठित स्कूल संस्कृति, मूल्यों और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देते हैं। उदाहरण के लिए, द दून स्कूल , वेलहम गर्ल्स स्कूल और वेलहम बॉयज़ स्कूल ।
- अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम वाले स्कूल: ये स्कूल आईबी/आईजीसीएसई पाठ्यक्रम का पालन करते हैं और वैश्विक ज्ञान और आधुनिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं। उदाहरण के लिए , यूनिसन वर्ल्ड स्कूल और सेलाक्वी इंटरनेशनल स्कूल ।
- सैन्य एवं सैनिक बोर्डिंग विद्यालय: ये विद्यालय छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व और महत्वपूर्ण कौशल विकसित करते हैं, साथ ही उन्हें रक्षा सेवाओं के लिए तैयार करते हैं। उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय (आरएमसी) ।
- सह-शिक्षा बनाम एकल-लिंग बोर्डिंग स्कूल: सह-शिक्षा बोर्डिंग स्कूलों में लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ते हैं, जबकि एकल-लिंग स्कूल केवल लड़कों या लड़कियों पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, वेलहम गर्ल्स स्कूल, वेलहम बॉयज़ स्कूल और डून इंटरनेशनल स्कूल (सह-शिक्षा)।
देहरादून के सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूलों की प्रमुख विशेषताएं
- व्यापक पाठ्यक्र...
























